करीमनगर। तेलंगाना
ऋषि प्रभासागर जी के शिष्य श्री विद्यासागर जी ने शांतिकुंज की प्रेरणा और सहयोग से तीन वर्ष पूर्व करीमनगर में 'वेद गायत्री ऋषि परिवार' आश्रम की स्थापना की है। वे इसके माध्यम से 'ग्लोबल ग्राम' की अवधारणा को मूर्ति रूप दे रहे हैं। इस योजना के अन्तर्गत करीमनगर से १५ कि. मी. दूर ७ एकड़ भूमि पर ५० समृद्ध परिवारों को सुनियोजित ढंग से बसाया गया है। सबके एक जैसे मकान हैं। सभी के भोजन, साधना, स्वास्थ्य संवर्धन जैसी व्यवस्थाएँ सामूहिक हैं। आश्रम संस्थापक वहाँ शांतिकुंज जैसा पारिवारिक वातावरण एवं सहजीवन का प्रयोग कर रहे हैं।
शांतिकुंज प्रतिनिधि श्री उमेश एवं श्रीमती प्रशांति शर्मा ११ मार्च की सायं इस आश्रम में पहुँचे। ग्राम व्यवस्थापकों ने उनसे वहाँ गायत्री मंदिर निर्माण के लिए शंकु स्थापना (भूमि पूजन) कराई। शांतिकुंज प्रतिनिधियों ने आदर्श परिवार की स्थापना के संदर्भ में मार्गदर्शन देते रहने का आश्वासन दिया। उल्लेखनीय है कि वहाँ बसने वाले लोगों में से ६० लोगों ने ११ से १५ फरवरी २०१८ को शान्तिकुंज में आकर तीर्थ सेवन सत्र और कई लोग संजीवनी साधनासत्र कर चुके हैं।
ऋषि प्रभाकर जी के आन्ध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्य में कई आश्रम हैं। उनमें में नियमित गायत्री उपासना होती है और गायत्री मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। कोत्तगुडम जिले के धम्मपेट्टा में श्री रामणामूर्ति जी गायत्री मन्दिर आश्रम चला रहे हैं। कडपा जिले में भी ऋषि प्रभाकर जी के शिष्य गायत्री परिवार के साथ कदम से कदम मिला कर कार्य कर रहे हैं। अभी उनके कर्नूल स्थित आश्रम में गायत्री परिवार जिला समन्वयक श्री गुरु राजा राव जी ने २४ कुण्डीय गायत्री यज्ञ सम्पन्न कराया था।
ऋषि प्रभासागर जी के शिष्य श्री विद्यासागर जी ने शांतिकुंज की प्रेरणा और सहयोग से तीन वर्ष पूर्व करीमनगर में 'वेद गायत्री ऋषि परिवार' आश्रम की स्थापना की है। वे इसके माध्यम से 'ग्लोबल ग्राम' की अवधारणा को मूर्ति रूप दे रहे हैं। इस योजना के अन्तर्गत करीमनगर से १५ कि. मी. दूर ७ एकड़ भूमि पर ५० समृद्ध परिवारों को सुनियोजित ढंग से बसाया गया है। सबके एक जैसे मकान हैं। सभी के भोजन, साधना, स्वास्थ्य संवर्धन जैसी व्यवस्थाएँ सामूहिक हैं। आश्रम संस्थापक वहाँ शांतिकुंज जैसा पारिवारिक वातावरण एवं सहजीवन का प्रयोग कर रहे हैं।
शांतिकुंज प्रतिनिधि श्री उमेश एवं श्रीमती प्रशांति शर्मा ११ मार्च की सायं इस आश्रम में पहुँचे। ग्राम व्यवस्थापकों ने उनसे वहाँ गायत्री मंदिर निर्माण के लिए शंकु स्थापना (भूमि पूजन) कराई। शांतिकुंज प्रतिनिधियों ने आदर्श परिवार की स्थापना के संदर्भ में मार्गदर्शन देते रहने का आश्वासन दिया। उल्लेखनीय है कि वहाँ बसने वाले लोगों में से ६० लोगों ने ११ से १५ फरवरी २०१८ को शान्तिकुंज में आकर तीर्थ सेवन सत्र और कई लोग संजीवनी साधनासत्र कर चुके हैं।
ऋषि प्रभाकर जी के आन्ध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्य में कई आश्रम हैं। उनमें में नियमित गायत्री उपासना होती है और गायत्री मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। कोत्तगुडम जिले के धम्मपेट्टा में श्री रामणामूर्ति जी गायत्री मन्दिर आश्रम चला रहे हैं। कडपा जिले में भी ऋषि प्रभाकर जी के शिष्य गायत्री परिवार के साथ कदम से कदम मिला कर कार्य कर रहे हैं। अभी उनके कर्नूल स्थित आश्रम में गायत्री परिवार जिला समन्वयक श्री गुरु राजा राव जी ने २४ कुण्डीय गायत्री यज्ञ सम्पन्न कराया था।