Timeline Updates

Loading...
Change Language

Upcomming

Recent News


Recent Video

Story of Day

महाराज अज के समय की बात है, एक दिन महर्षि वशिष्ठ किसी यज्ञ में पुरोहित बनकर जा रहे थे। मार्ग में मंकी नामक एक व्यक्ति मिला। उसने अपना दुःख प्रकट करते हुए कहा- “देव! देव मैंने सदैव सदाचरण किया है तो भी आज तक किसी ने न तो मेरी प्रशंसा की न ही प्यार।”

वशिष्ठ ने कुछ विचार किया फिर बोले-”आज से सदाचरण के साथ वाणी से सदा सुन्दर बोलने का भी अभ्यास करो तो तुम्हें सर्वत्र...


Akhandjyoti Apr(1970)