Timeline Updates

👉 "विचार और व्यवहार में सत्यता

👉 "विचार और व्यवहार में सत्यता
 
मानसिक शक्तियों के विकास के लिए भोले स्वभाव का होना ही श्रेयकर है। अंग्रेजी में कहावत है कि शैतान गधा होता है। यह कहावत चतुर लोगों की मूर्खता को प्रदर्शित करती है। जो मनुष्य बाहर भीतर एक रूप रहता है, वास्तव में वही अपने स्वरूप को पहिचानता है। यदि मनुष्य अपने विचारों और व्यवहार में सत्यता ले आवे तो उसका आचार अपने आप ही उच्चकोटि का हो जावे।

जो व्यक्ति अपने किसी प्रकार के दोष को छिपाने की चेष्टा नहीं करता, उसके चरित्र में कोई दोष भी नहीं रहता। पुराने पापों के परिणाम भी सचाई की मनोवृत्ति के उदय होने पर नष्ट हो जाते हैं। ढका हुआ पाप लगता है, खुला पाप मनुष्य को नहीं लगता। जो स्वयं के प्रति जितना अधिक सोचता है, वह उतना ही अधिक अपने आप को पुण्यात्मा बनाता है। ऐसा ही व्यक्ति दूसरी आध्यात्मिक शक्तियों को प्राप्त करता है।

✍🏻 पं श्रीराम शर्मा आचार्य जी
📖 आत्मज्ञान और आत्मकल्याण, पृष्ठ 22

https://awgpskj.blogspot.com/2018/12/blog-post_87.html

Releted Articles

Loading...

Categores