Timeline Updates

Loading...
Change Language

Upcomming

Recent News


Recent Video

Story of Day

एक मूर्तिकार मूर्तियाँ बनाता और उन्हें बेचकर गुजारा करता। उसकी एक मूर्ति प्रायः एक रुपये में बिकती।

लड़का बड़ा हुआ तो मूर्तिकार ने उसी धन्धे में उसको भी लगाया। वह कुशाग्र बुद्धि था जल्दी ही अच्छी मूर्तियाँ बनाने लगा और वे बाप की अपेक्षा दूने दाम में अर्थात् दो रुपये में बिकने लगीं।

इतने पर भी बाम ने अपना नित्यकर्म जारी रखा। वह लड़के की मूर्तियों को बहुत बारीकी से देखता और...


Akhandjyoti Dec(1990)